Tag: Ahmad faraz shayari

Ahmad Faraz Best Shayari collection1

Ahmad Faraz Best Shayari collection1

Ahmad Faraz Best Shayari

उसने मुझे छोड़ दिया तो क्या हुआ फ़राज़,
मैंने भी तो छोड़ा था सारा ज़माना उसके लिए

Usne mujhe chhod diya to kya hua Faraz,
maine bhi to chhoda tha sara zamana uske liye


एक नफरत ही नहीं दुनिया में दर्द का सबब फ़राज़
मोहब्बत भी सुकूँ वालो को बहुत तकलीफ देती है

Ek nafrat hi nahin duniya mein dard ka sabab Faraz
Mohabbat bhi sukoon walo ko bahut takleef deti hai


चाहने वाले मुक़द्दर से मिला करते हैं फ़राज़
उसने इस बात को तस्लीम किया मेरे जाने के बाद

Chahne wale muqaddarse mila karte hain Faraz
Usne is baat ko taleem kiya mere jane ke baad


मोहब्बत के अंदाज़ जुदा होते हैं फ़राज़
किसी ने टूट के चाहा और कोई चाह के टूट गया

Mohabbat e andaz juda hote hain Faraz
Kisi ne toot ke chaaha aur koi chaah ke toot gaya


अब मायूस क्यूँ हो उसकी बेवफाई पे फ़राज़,
तुम खुद ही तो कहते थे कि वो सबसे जुदा है

Ab mayus kyun ho uski bewafai pe Faraz,
Tum khud hi to kahte the ki wo sabse juda hai


माना कि तुम गुफ्तगू के फन में माहिर हो फ़राज़,
वफ़ा के लफ़्ज़ पे अटको तो हमें याद कर लेना

Mana ki guftgoo ke fun mein mahir ho faraz,
Wafa ke lafz pe atko to hamein yaad kar lena


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Gulzar

हमनें सुना था कि दोस्त वफ़ा करते हैं फ़राज़
जब हमनें किया भरोसा तो रिवायत ही बदल गयी

Humnein suna tha ki dost wafa karte hai Faraz,
Jab humnein kiya bharosa to rivayat hi badal gayi


Ahmad Faraz Best Shayari

Ahmad Faraz Best Shayari

Ahmad Faraz Best Shayari

वफ़ा की आज भी क़दर वही है फ़राज़
फ़क़त मिट चुके हैं टूट के चाहने वाले

Wafa ki aaj bhi qadar wahi hai Faraz
Faqat mit chuke hai toot ke chahne wale


ये सोच कर तेरी महफ़िल में चला आया हूँ फ़राज़
तेरी सोहबत में रहूँगा तो संवर जाऊंगा

Ye soch kar teri mahfil mein chala aaya hoon Faraz
Teri sohbat mein rahunga to sanwar jaunga


वो जानता था उसकी मुस्कराहट मुझे पसंद है फ़राज़
उसने जब भी दर्द दिया मुस्कुराते हुए दिया

Wo janta tha uski muskurahat mujhe pasand hai Faraz
Usne jab bhi dard diya muskurate huye diya


तुम मुझे मौका तो दो ऐतबार बनाने का फ़राज़
थक जाओगे मेरी वफ़ा के साथ चलते चलते

Tum mujhe mouka to do aitbar banane ka Faraz
Thak jaoge meri wafa ke sath chalte chalte


वहां से एक पानी की बूँद ना निकल सकी फ़राज़
तमाम उम्र जिन आँखों को हम झील लिखते रहे

Wahan se ek pani ki boond na nikal saki Faraz
Tamam umar jin aankhon ko hum jheel likhte rahe


हमारे बाद नहीं आएगा तुम्हे चाहत का ऐसा मज़ा फ़राज़
तुम लोगो से खुद कहते फिरोगे कि मुझे चाहो तो उसकी तरह

Hamare baad nahin aayega tumhe chahat ka aisa maza Faraz
Tum logo se khud kahte firoge ki mujhe chaho to uski tarah


इस तरह गौर से मत देख मेरा हाथ फ़राज़
इन लकीरों में हसरतों के सिवा कुछ भी नहीं

Is tarah gour se mat dekh mera haath Faraz
In laqiron mein hasraton se siwa kuchh bhi nahin


नाकाम थी मेरी सब कोशिशें उसको मनाने की फ़राज़
पता नहीं कहाँ से सीखी जालिम ने अदाएं रूठ जाने की

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